आयत

किसी पत्थर पे लिखी आयत की तरह तुझे खुद मे समां लेना चाहता हूँ के जो भी इस मोहब्बत को पड़े सजदे मे सर झुका ले ।

किसी पत्थर पे लिखी आयत की तरह
तुझे खुद मे समां लेना चाहता हूँ
के जो भी इस मोहब्बत को पड़े
सजदे मे सर झुका ले ।

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